MP के इंदौर के खजराना में लिव-इन में रह रही शतरंज की नेशनल प्लेयर रही युवती ने पार्टनर से विवाद के बाद सुसाइड कर लिया। उसे साथी ही फंदे से उतारकर अस्पताल लेकर पहुंचा था..
इंदौर: MP के इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में एक युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही 22 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद युवती के साथ रह रहे युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आत्महत्या से पहले युवक और युवती के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी।
मृतका की पहचान जागृति के रूप में हुई है। वह मूल रूप से देवास जिले की रहने वाली बताई जा रही है और उज्जैन के एमआईटी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। पुलिस के अनुसार जागृति करीब एक सप्ताह पहले ही इंदौर आई थी और सांईकृपा कॉलोनी में अपने मित्र हर्ष मिश्रा के साथ रह रही थी। दोनों के बीच पहले से दोस्ती थी, जो बाद में लिव-इन रिलेशनशिप में बदल गई।
लिव-इन पार्टनर हर्ष ही अस्पताल लेकर पहुंचा
बुधवार रात करीब 11:30 बजे एमवाय अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली कि एक युवती को मृत अवस्था में लाया गया है। अस्पताल पहुंचे डॉक्टरों ने जांच के बाद जागृति को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल लेकर पहुंचने वाला युवक हर्ष मिश्रा ही था। उसने पुलिस को बताया कि रात करीब 9 बजे उसने जागृति को कमरे में फंदे पर लटका हुआ देखा, जिसके बाद वह तुरंत उसे अस्पताल लेकर गया।
घटना से पहले दोनों में विवाद हुआ था
खजराना थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उस कमरे की बारीकी से जांच की, जहां युवती ने आत्महत्या की थी। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और जरूरी साक्ष्य एकत्र किए गए। पुलिस के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि घटना से पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, हालांकि विवाद किस कारण हुआ यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
शतरंज की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रही मृतका
परिजनों ने इस पूरे मामले को लेकर संदेह भी जताया है। उनका कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि जागृति इंदौर कैसे और किन परिस्थितियों में आई। परिजनों के अनुसार जागृति पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय थी और वह शतरंज की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रह चुकी थी।
मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग
युवती की मौत की खबर फैलते ही कुछ आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि भी एमवाय अस्पताल पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। संगठनों ने देवास कलेक्टर से न्यायिक जांच कराए जाने की मांग भी उठाई है।
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