Category: लिव-इन: घातक परिणाम

  • तीन साल का अफेयर, लिव-इन और इंगेजमेंट… साथ रह रहे मंगेतर का कत्ल, लड़की बोली- वो नींद से जागा ही नहीं

    तीन साल का अफेयर, लिव-इन और इंगेजमेंट… साथ रह रहे मंगेतर का कत्ल, लड़की बोली- वो नींद से जागा ही नहीं

    गुजरात के वडोदरा से लव अफेयर की सनसनीखेज घटना सामने आई है. जिस युवती के साथ युवक शादी के सपने देख रहा था, इंगेजमेंट भी हो गई थी, उसी मंगेतर ने उसकी जान ले ली. यह मामला प्रतापनगर रेलवे कॉलोनी का है. 29 दिसंबर को 23 साल के युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी. जांच के बाद अब खुलासा हुआ है कि उसकी हत्या मंगेतर ने की थी.

    दरअसल, एक युवक का लड़की से अफेयर था. दोनों की सगाई भी हो चुकी थी. सगाई के बाद लड़की ने लड़के को अपने साथ रहने वड़ोदरा बुला लिया. इसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि लड़की ने अपने मंगेतर की हत्या कर दी. वारदात के तीन दिन तक लड़की पुलिस को घुमाती रही, लेकिन जांच पड़ताल के बाद कहानी सामने आ गई.

    29 दिसंबर को वड़ोदरा की प्रतापनगर कॉलोनी में एक लड़के की लाश मिली थी. उसके साथ रहने वाली उसकी मंगेतर ने बताया कि लड़का नींद से जागा ही नहीं. लेकिन लड़के की लाश मिली थी. उसके साथ रहने वाली उसकी मंगेतर ने बताया कि लड़का नींद से जागा ही नहीं. लेकिन लड़के के पिता को शक हुआ तो जानकारी पुलिस को दी. इसके बाद जांच हुई पूरी कहानी पलट गई.

    पुलिस के मुताबिक, छोटा उदयपुर के रोजकुवा गांव का रहने वाला 23 साल का सचिन गणपतभाई राठवा और रेलवे में काम करने वाली रेखा सकुभाई राठवा बीते तीन साल से अफेयर में थे. दोनों ने सगाई भी कर ली थी. चूंकि रेखा वडोदरा के प्रतापनगर रेलवे कॉलोनी में रहती थी, इसलिए सचिन भी उसी के साथ रहने पहुंच गया. दोनों काफी समय से साथ रह रहे थे. इसी बीच सचिन को शक हुआ कि रेखा का किसी और से अफेयर चल रहा है.

    घटना के दिन सचिन और रेखा के बीच झगड़ा हुआ. इस दौरान रेखा ने सचिन से शादी से इनकार कर दिया. सचिन ने फोन करके अपने पिता को जानकारी दी कि वह शादी नहीं करना चाहता. जब सचिन ने शादी तोड़ने की बात कही तो रेखा ने सचिन को दुपट्टे से मार डाला.

    एसीपी प्रणव कटारिया ने कहा कि दोनों तीन साल से लिव-इन में थे. रेखा रेलवे में सेलर का काम करती थी. दोनों इंस्टाग्राम के जरिए एक-दूसरे से संपर्क में आए थे, सगाई कर ली थी. हत्या के बाद रेखा ने ऐसा बर्ताव किया, मानो कुछ हुआ ही नहीं है. उसने सचिन के माता-पिता को भी ऐसा ही बताया कि वह नींद से ही नहीं जागा.

    सचिन के पिता गणपत राठवा ने कहा कि मेरा बेटा वड़ोदरा में रहता था. उसका फोन आया था. उसने बताया कि खा शादी से मना कर रही है. हमने शादी की तैयारियां शुरू कर दी थीं. लेकिन उसने फोन किया तो मैंने रेखा से बात करने के लिए उसे कॉल किया, लेकिन फोन नहीं उठाया. इसके बाद रेखा का फोन आया और बताया कि सचिन नींद से नहीं उठ रहा है.

    पुलिस तीन दिन तक इस केस में ऐसे उलझी रही कि जैसे लड़की ने कुछ किया ही न हो, लेकिनपोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आते ही कहानी में मोड़ आ गया. फिलहाल, पुलिस ने लड़की के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.

    Sources: https://www.aajtak.in

  • लिवइन पार्टनर पर धोखा देने का आरोप: लिव इन पार्टनर की चाह में फना हुई नर्स, जान देने का बेहद खतरनाक तरीका अपनाया

    लिवइन पार्टनर पर धोखा देने का आरोप: लिव इन पार्टनर की चाह में फना हुई नर्स, जान देने का बेहद खतरनाक तरीका अपनाया

    भोपाल: राजधानी भोपाल में एक नर्स ने प्रेम प्रसंग के चलते आपनी जान दे दी. पार्टनर से मिले धोखे के बाद नर्स ने आत्महत्या का बेहद खतरनाक तरीका अपनाया जिसे पुलिस सहित लोग हैरान रह गए. मृतका मेघा यादव अपने सपनों को पूरा करने और परिवार का सहारा बनने की चाह में पांच साल पहले नर्मदापुरम से भोपाल आई थी. लेकिन जिस शहर से उसे नई जिंदगी की उम्मीद थी, वहीं उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली.

    बेहोशी की हालत में अस्पताल छोड़ गया युवक

    मेघा जेके हॉस्पिटल के पास किराए के मकान में रहती थी और जेपी अस्पताल में ही नर्स के तौर पर काम करती थी. बुधवार रात को उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था. इलाज के दौरान गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, मेघा पिछले चार वर्षों से एक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी. वही युवक उसे बेहोशी की हालत में जेके हॉस्पिटल लेकर आया था. भर्ती करवाकर वहां से चला गया था. परिजन का कहना है कि घटना से कुछ समय पहले मेघा ने अपने भांजे से फोन पर बातचीत की थी और उस समय वह सामान्य लग रही थी. बाद में उसी रात युवक ने मेघा के मोबाइल से परिजन को फोन कर उसके अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी. अब युवक का फोन बंद आ रहा है.

    बड़े सपने लेकर भोपाल आई थी नर्स

    मेघा यादव मूल रूप से नर्मदापुरम की रहने वाली थी. उसका परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था. मजदूरी करने वाले पिता ने बड़ी मुश्किलों से बेटी की पढ़ाई कराई. मेघा पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहती थी. इसी सपने को लेकर वह करीब पांच साल पहले नर्मदापुरम से भोपाल आई. यहां उसने बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की और पढ़ाई के बाद भोपाल के जेके अस्पताल में नौकरी करने लगी.

    4 साल लिव इन में रही, शादी से मुकरा पार्टनर

    नौकरी लगने के बाद मेघा ने भविष्य को लेकर कई सपने देखे थे. परिजनों का आरोप है कि, इसी दौरान उसकी जान-पहचान भोपाल में लॉज चलाने वाले रूपेश से हुई. मेघा के भाई राजा ने बताया कि, ”4 साल तक रूपेश ने शादी का भरोसा देकर मेघा को अपने साथ रखा. लंबे समय तक वह पत्नी की तरह उसके साथ रही, लेकिन बाद में आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया.”

    राजा का कहना है कि, ”रूपेश ने मेघा के भरोसे और भावनाओं के साथ धोखा किया. शादी का झांसा देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे मेघा गहरे तनाव में रहने लगी. लगातार मानसिक दबाव और धोखे से टूट चुकी मेघा ने आखिरकार आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया. मेघा की मौत के बाद परिवार सदमे में है.” परिजनों का कहना है कि, जिस बेटी से उन्हें सहारे की उम्मीद थी, उसी ने जिंदगी खत्म कर ली. परिवार ने आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की है. फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

    मामले की जांच में जुटी पुलिस

    कोलार टीआई संजय सोनी का कहना है कि, ”युवती के मोबाइल, कॉल डिटेल्स और परिजनों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी है.”

    यह मामला न सिर्फ एक युवती की दर्दनाक मौत की कहानी है, बल्कि भरोसे, रिश्तों और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े करता है. अब देखना होगा कि जांच में क्या सच सामने आता है और पीड़ित परिवार को कब इंसाफ मिलता है.

    Sources: digital media

  • लिव-इन में रह रही शतरंज की नेशनल प्लेयर ने किया सुसाइड, पार्टनर फंदे से उतारकर अस्पताल लाया

    लिव-इन में रह रही शतरंज की नेशनल प्लेयर ने किया सुसाइड, पार्टनर फंदे से उतारकर अस्पताल लाया

    MP के इंदौर के खजराना में लिव-इन में रह रही शतरंज की नेशनल प्लेयर रही युवती ने पार्टनर से विवाद के बाद सुसाइड कर लिया। उसे साथी ही फंदे से उतारकर अस्पताल लेकर पहुंचा था..

    इंदौर: MP के इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में एक युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही 22 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद युवती के साथ रह रहे युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आत्महत्या से पहले युवक और युवती के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी।

    मृतका की पहचान जागृति के रूप में हुई है। वह मूल रूप से देवास जिले की रहने वाली बताई जा रही है और उज्जैन के एमआईटी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। पुलिस के अनुसार जागृति करीब एक सप्ताह पहले ही इंदौर आई थी और सांईकृपा कॉलोनी में अपने मित्र हर्ष मिश्रा के साथ रह रही थी। दोनों के बीच पहले से दोस्ती थी, जो बाद में लिव-इन रिलेशनशिप में बदल गई।

    लिव-इन पार्टनर हर्ष ही अस्पताल लेकर पहुंचा

    बुधवार रात करीब 11:30 बजे एमवाय अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली कि एक युवती को मृत अवस्था में लाया गया है। अस्पताल पहुंचे डॉक्टरों ने जांच के बाद जागृति को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल लेकर पहुंचने वाला युवक हर्ष मिश्रा ही था। उसने पुलिस को बताया कि रात करीब 9 बजे उसने जागृति को कमरे में फंदे पर लटका हुआ देखा, जिसके बाद वह तुरंत उसे अस्पताल लेकर गया।

    घटना से पहले दोनों में विवाद हुआ था

    खजराना थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उस कमरे की बारीकी से जांच की, जहां युवती ने आत्महत्या की थी। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और जरूरी साक्ष्य एकत्र किए गए। पुलिस के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि घटना से पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, हालांकि विवाद किस कारण हुआ यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

    शतरंज की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रही मृतका

    परिजनों ने इस पूरे मामले को लेकर संदेह भी जताया है। उनका कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि जागृति इंदौर कैसे और किन परिस्थितियों में आई। परिजनों के अनुसार जागृति पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय थी और वह शतरंज की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रह चुकी थी।

    मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग

    युवती की मौत की खबर फैलते ही कुछ आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि भी एमवाय अस्पताल पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। संगठनों ने देवास कलेक्टर से न्यायिक जांच कराए जाने की मांग भी उठाई है।

    Sources: https://navbharattimes.indiatimes.com/