Author: websiteadmin

  • राजस्थान में लिव-इन रिलेशनशिप कानून का जयपुर में विरोध तेज, सर्व समाज के लोगों ने की बैठक

    राजस्थान में लिव-इन रिलेशनशिप कानून का जयपुर में विरोध तेज, सर्व समाज के लोगों ने की बैठक

    राजस्थान में जयपुर के ग्रामीण क्षेत्र में रेनवाल कस्बे से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां एक निजी स्कूल के संचालक ने शिक्षा जैसे पवित्र जगह को बदनाम करने की कोशिश की. इस घटना ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है. स्थानीय लोग इतने नाराज हैं कि उन्होंने एकजुट होकर विरोध जताया.

    मंदिर परिसर में सर्व समाज की बैठक

    इस मामले को लेकर कल्लू वाली माता मंदिर के परिसर में एक बड़ी बैठक हुई. बैठक की कमान भगीरथमल नेहरा के हाथों में थी. यहां हिंदू समाज के हर तबके के लोग जुटे. किसान मजदूर से लेकर व्यापारी और बुजुर्ग सभी ने हिस्सा लिया. माहौल इतना गर्म था कि हर कोई अपनी बात रखने को बेताब था.

    लिव-इन रिलेशनशिप कानून पर जोरदार विरोध

    बैठक में मुख्य मुद्दा लिव-इन रिलेशनशिप कानून बना. सभी ने एक स्वर में इसका विरोध किया. लोगों का कहना था कि यह कानून हमारी भारतीय संस्कृति को बर्बाद कर देगा. सामाजिक मूल्यों को ठेस पहुंचाएगा.

    वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि ऐसे कानून से परिवार की नींव हिल जाएगी. बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा. बैठक में आगे की लड़ाई के लिए ठोस योजना बनाई गई. हर कोई बोला कि संस्कृति बचानी है तो मिलकर लड़ना पड़ेगा.

    एकजुटता का संकल्प और समिति का गठन

    सर्व समाज के लोगों ने भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए हुंकार भरी. उन्होंने एक समिति बनाई जो हिंदू सर्व समाज की होगी. इस समिति का काम होगा आगे की रणनीति तैयार करना. अगली बैठक 28 दिसंबर को तय की गई है. जहां और भी लोग जुड़ेंगे और विरोध को तेज किया जाएगा.

    स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं

    मुकेश शर्मा ने लाल कोट पहनकर कहा कि यह कानून हमारी जड़ों पर हमला है. अशोक असावा ब्राउन चेक कोट में बोले कि परिवार टूटेंगे तो समाज कैसे बचेगा. धनश्याम कुमावत काली हाफ जैकेट में चेतावनी दी कि संस्कृति की रक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा. दौलत सिंह खंगारोत टोपी लगाकर बोले कि हम सब मिलकर इस कानून को रोकेंगे.

  • लिव-इन को हरी झंडी! इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला-बिना शादी साथ रहना कोई गुनाह नहीं!

    लिव-इन को हरी झंडी! इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला-बिना शादी साथ रहना कोई गुनाह नहीं!

    Live-in relationship News: लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप भले ही समाज में स्वीकार्य नहीं है, लेकिन ऐसा हम नहीं कह सकते कि यह ‘गैर-कानूनी’ है। शादी से पहले किसी कपल का साथ रहना, कोई अपराध नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति, लड़का हो या लड़की। अगर वो बालिग है, उसे अपने जीवन में किसके साथ रहना है और किसके साथ नहीं, वो उसका निजी फैसला है।

    कोर्ट ने क्या बोला?

    कोर्ट ने कहा कि व्यक्ति के निजी फैसले में न कोई अन्य व्यक्ति और ना ही कोई परिवार का सदस्य, उसके जीवन में रोक-टोक लगा सकता है। वहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल द्वारा पुलिस सुरक्षा की मांग वाली सभी याचिकाओं को मंजूर कर लिया। कोर्ट ने कहा कि कोई भी कपल बिना शादी के अपने मर्जी से साथ रह सकता है। बता दें कि लिव इन में रह रहे कपल की दाखिल याचिकाओं पर जस्टिस विवेक कुमार सिंह की सिंगल बेंच ने इस पर टिप्पणी करते हुए, इस फैसले को सुनाया है। वहीं कोर्ट की एक अन्य बेंच ने किरण रावत और अन्य बनाम केस में ऐसे रिश्तों को “सामाजिक समस्या” बताया था। कोर्ट ने ऐसे रिश्तों से पैदा होने वाली समस्याओं को लेकर जोर दिया।

    दायर याचिका में कपल्स की क्या मांग?

    आज के समय में अक्सर यह देखा गया है कि कपल्स शादी से पहले ही अपने पार्टनर के साथ ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ में रहने लगते हैं, लेकिन समाज ऐसे रिश्तों को नहीं अपनाता है। परिवार के लोगों की तरफ से इन रिश्तों को लेकर दबाव बनाया जाता है कि वो ऐसा न करें। कपल्स का कहना होता है कि वो एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानने के लिए ऐसा करते हैं, जिससे उन दोनों को बीच कोई गलतफहमी या कोई भी सवाल न रहे। इलाहाबाद हाईकोर्ट में लिव-इन में रह रहे कुछ कपल्स ने याचिका दायर की थी, जिसमें पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक कुमार सिंह ने युवाओं में जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया है।

    समाज क्यों नहीं करता स्वीकार?

    कपल्स ने याचिका में कहा था कि उन्हें पुलिस सुरक्षा की जरूरत है, क्योंकि उन्हें परिवार के सदस्यों से जीवन को खतरा है। परिवार के लोग उनपर दबाव बनाते हैं। दूसरी तरफ सरकारी वकील ने इन दलीलों को गलत बताते हुए कहा कि समाज इस तरह के रिश्तों को स्वीकार नहीं करता। सरकारी वकील ने इन रिश्तों को एक कॉन्ट्रैक्ट बताया है।

    Sources: https://www.patrika.com/